Dard Aur Andhera

By CA Inderpreet Kaur (M No – 429523)

जब दिल दुखता है,

दर्द ज्यादा होता है,

और हर तरफ सिर्फ अंधेरा होता है,

तब मैं इंतज़ार करती हूँ,

 

इंतज़ार दर्द खत्म होने का, अंधेरा मिटने का या उजाला होने का नही,

 

पर दर्द और गहरा होने का,

ख़्वाहिशों के अधूरे होने का,

ज़िन्दगी मे कुछ कम सा होने का

सपने टूटे चुभने का,

अरमान सारे बिखरने का,

चोट का गहरा होने का,

यह एहसास मेरा होने का,

आलम कुछ अकेले होने का,

 

क्योंकि यह दर्द ही मुझे सुकून के पास ले जाएगा,

ख़्वाहिशें पूरा करना सिखायेगा,

ज़िन्दगी को कम से ही बड़ा बनाएगा,

सपने नए दिखायेगा,

अरमानों की डोर जोड जाएगा,

हर चोट से लड़ना सिखाएगा,

जब हर वो एहसास मेरा हो जाएगा,

अकेले मैं काफी हूँ यह बताएगा।।